#13 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI - B The Next

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#13 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI


ज़िन्दगी का पाठ (HINDI STORY)



एक बार एक शिक्षक ने कुछ चीज़ो के साथ कक्षा में प्रवेश किया। क्लास शुरू होने पर उन्होंने शीशे के एक खली ज़ार में पत्थर के बड़े बड़े टुकड़े भर दिए। फिर उन्होंने स्टूडेंट्स से पूछा की क्या जार भर गया ? सभी ने कहा की हाँ। इस पर शिक्षक ने जार में छोटे -छोटे कंकड़ डाले और ज़ार को हिलाया। कंकड़ जार में पत्थरो के बीच जाकर बैठ गए। शिक्षक ने फिर पूछा की क्या जार भर गया ? सभी स्टूडेंट्स बोले हाँ। अब शिक्षक ने जार में रेत डालना शुरू की जो बची हुयी जगह में भर गयी। शिक्षक ने फिर सवाल दोहराया और स्टूडेंट्स ने कहा हाँ। फिर शिक्षक ने समझना शुरू किया की यह ज़ार आपकी जिंदगी को दर्शाता है जिसमें मौजूद ये बड़े -बड़े पत्थर  आपके जीवन की अहम चीज़े है जैसे , परिवार, जीवनसाथी स्वास्थ्य, बच्चे आदि। कंकड़ आपकी नौकरी, आपका काम, आपका घर आदि को दर्शाते है। और रेत बाकि सभी छोटी-छोटी चीजें है। अगर आप अपनी ज़िन्दगी को रेत जैसी छोटी छोटी चीज़ो से भर देंगे और उन्ही पर सारा समय और ऊर्जा लगा देंगे तो कंकड़ और पत्थर यानि अहम चीज़ो के लिए जगह नहीं बचेगी। अतः ज़िन्दगी को खुशहाल रखने के लिए पहले अहम् चीज़ो और लोगो पर ध्यान दीजिये बाकि बाद में।


मंत्र :- आपको अपनी ऊर्जा और समय अहम् चीज़ो पर खर्च चाहिए।


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Team:- Be The Next  
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Moral mantra

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