#2 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI - B The Next

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#2 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI

पेड़ की पकड़(HINDI STORY)



                 क बार, एक व्यक्ति को जुआ खेलने की लत थी | उसके परिवार और दोस्त की तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी जुए की आदत छूट रही थी | जब भी कोई, उससे यह आदत को छोड़ने को कहता, तो वह एक ही जवाब देता था | मेने यह आदत नहीं पकड़ी, इस आदत ने मुझे पकड़ रखा है | उस व्यक्ति की पत्नी भी उसके जुए की लत से परेशान थी | एक बार वह महात्मा जी से मिलने गयी |  और उन्हें अपनी समस्या बताई महात्मा जी, ने उसे अपने पति के साथ अगले दिन आने कहा, अगले दिन जब वह दोनों आश्रम पहुंचे, तो देखा की महात्मा एक पेड़ पकड़ कर खड़े थे | उन्होंने बहुत देर तक इंतज़ार किया |
महात्मा जी अपनी जगह से नहीं हिले दोनों पति पत्नी लौट आये | अगले दिन जब वह फिर से आश्रम पहुंचे, तो देखा की महात्मा जी अब भी उस पेड़ को पकड़े हुए थे | पति ने महात्मा जी से कहा कि,  महाराज आप इस पेड़ को छोड़ क्यों नहीं देते | महात्मा जी बोले की में क्या करू, यह पेड़ मुझे छोड़ ही नहीं रहा है | इस पर उस व्यक्ति ने कहा की आपने पेड़ को पकड़ा हुआ है | आपको नहीं ! आप जब चाहे उसे छोड़ सकते है |  महात्मा जी ने कहा की यह बात तुम्हे समझने की जरुरत है | की जुए  ने तुम्हे नहीं पकड़ा इस बुरी आदत को तुम ही छोड़ सकते है |


मंत्र :- आपकी बुरी आदतों को आपके अलावा और कोई नहीं छुड़ा सकता !


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Team:- Be The Next  
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Moral mantra

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