#20 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI - B The Next

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#20 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI


अहंकार (HINDI STORY)



एक बार की बात है, एक गांव में एक मूर्तिकार रहता था। वह ऐसी मूर्तियां बनता था, जिन्हे देख कर हर किसी को मूर्तियां के जीवित होने का भ्रम हो जाता था, उस मूर्तिकार को अपनी कला पर बड़ा घमंड था, जीवन सफर में एक वक्त ऐसा भी आया जब उसे लगने लगा की अब उसकी मृत्यु होने वाली है, वह परेशानी में पड़ गया यमदूतों को  भ्रमित करने के लिए उसने एक योजना बनायीं। उसने हूबहू अपने जैसी दस मुर्तिया बनायीं और खुद उन मूर्तियों के बीच जाकर बैठ गया। यमदूत जब उसे लेने आये तो एक जैसी 11 आकृतियों को देखकर दंग रह गए। वे पहचान नहीं पा रहे थे। की उन मूर्तियों में से असली मनुष्य कौन है अचानक एक यमदूत को मानव स्वभाव के सबसे बड़े दुर्गुण अहंकार को परखने विचार आया। उसने मूर्तियों को देखते हुए कहा, 'कितनी सुन्दर मूर्तियां है लेकिन मूर्तियों में एक त्रुटि है। 'यह सुनकर मूर्तिकार का अहंकार जाग उठा। वह बोल उठा, 'कैसी त्रुटि ? 'झट से यमदूत ने उसे पकड़ लिया और कहा 'बस यही गलती कर गए तुम अहंकार में, मूर्तियों बोला नहीं करती। '


मंत्र :- अहंकार ने हमेशा मनुष्य को परेशान और दुःख ही दिया है !

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Team:- Be The Next  
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Moral mantra

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