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#29 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI


मकड़ी  का जाला (HINDI STORY)




एक घर में एक मकड़ी अपना जाला बनाने के लिए जगह तलाश रही थी। बहुत ढूढ़ने के बाद उसने कमरे के एक कोने पसंद किया और वहां जाला बुनना शुरू किया। कुछ देर बाद उसने देखा की वहां खड़ी एक बिल्ली उसकी तरफ देखकर हंस रही थी। मकड़ी ने कारण पूछा तो बिल्ली ने कहा की यह जगह तो साफ-सुथरी है, यहां मक्खियां नहीं है। यहाँ तुम्हारे जाले में कौन फंसेगा। मकड़ी को बिल्ली की बात सही लगी और वह आधे बने जाले को छोड़कर दूसरी जगह ढूढ़ने लगी। उसे खिड़की के पास की जगह लगी। और वह वहां जाला बनाने लगी। तभी वहां एक चिड़िया आई और मकड़ी से बोली की यहाँ तो खिड़की से तेज़ हवा आती है, यहाँ तो जाला और तुम दोनों उड़ जाओगे। मकड़ी को चिड़िया की बात सही लगी। और वह फिर जाला अधूरा छोड़ नयी जगह तलाशने लगी। इस सबमे बहुत देर हो गयी थी और मकड़ी भूख भी लगी थी।  अब उसमे जाला बनाने हिम्मत नहीं थी और अधमरी हालत में एक कोने में बैठी थी। उसे पछतावा हो रहा था की दुसरो की बातों में आकर उसने अपना काम अधूरा छोड़ दिया वरना इस वक्त वह आराम से अपने जाले में बैठी होता।


मंत्र :- दुसरो की बातों में आकर अपना काम अधूरा छोड़ना सही नहीं है।



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