#1 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI - B The Next

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#1 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI

दूसरी  भाषा(HINDI STORY)


 एक परम धार्मिक बौद्ध महिला हर सम्भव प्रयास करती थी कि वह अपने मन , वचन और कर्मो से किसी का भी अहित न कर दे लेकिन एक बार की बात है, वह बाजार में सामान खरीदने के लिए जाती है | तब बाजार में एक दुकानदार उससे अभद्रता करता है | उस दिन बारिश हो रही थी इसलिए वह महिला अपने साथ छाता ले कर बाजार गयी थी तो जब दुकानदार ने फिर उससे अभद्रतापूर्वक बात की तो महीला अपना आत्म - नियंत्रण खो बैठी और उसने दुकानदार के सिर पर छाते से प्रहार कर दिया | इस घटना से ग्लानिश वह महिला उसी दिन मठ में गयी और वहाँ  के प्रधान भिक्षु को सारा वृतांत सुनाया | महिला ने कहा, "मैं बहुत दुखी हुँ, पता नहीं कैसे में अपना नियंत्रण खो बैठी |
भिक्षु ने कहा , "अपने मन में इस प्रकार ग्लानि का भाव रखना उचित नहीं है , जीवन में हमें एक दूसरेे को अपने मन की भावनाएँ बताने के लिए उनसे संवाद करना पड़ता है और वह संवाद करने के लायक नहीं था इसी लिये तुम्हें उस पर प्रहार करना  पड़ा और इसके अलावा तुम कुछ कर भी नहीं सकती थी, क्योंकि हर व्यक्ति स्वभाव से भिन्न होता है, भविष्य में तुम यदि अगली बार  वह फिर अभद्रता करे तो तुम अपने ह्रदय में असीम करुणा रखना और पिछली बार से भी अधिक ज़ोर से उस पर प्रहार  करना, क्योंकि वह यही भाषा ही समझता  है |

 Moral Mantra :-  जो जिस भाषा में समझे, उसे उसी भाषा समझाना चाहिए ! 


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Team:- B The Next
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Moral mantra

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