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#42 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI

आईने का रहस्य (HINDI STORY)




                   एक महत्मा थे जो दिखने में अच्छे नहीं थे। एक वह आईना देख रहे थे की तभी वहां उनका एक शिष्य आ गया और उन्हें देखकर मुस्कुराने लगा। महात्मा ने शिष्य से कहा की मैं तुम्हारे मुस्कुराने का मतलब समझ रहा हूँ, शायद तुम सोच रहे हो की मुझ जैसा कुरूप आदमी आईना क्यों देख रहा है? यह सुनकर शिष्य का सिर शर्म से झुक गया। महात्मा ने कहा की मैं कुरूप हूं, इसलिए रोज आईना देखता हूं ताकि मुझे अपनी कुरूपता का भान होता रहे और मैं रोज अच्छे काम करू ताकि उनसे मेरा यह रूप ढक जाए। इस पर शिष्य ने पूछा फिर सुन्दर लोगो को तो आईने नहीं देखना चाहिए? महात्मा बोले की ऐसा नहीं है। उन्हें भी आईना अवश्य देखना चाहिए ताकि उन्हें ध्यान रहे की वे जितने सुन्दर दिखते है, उतने ही सुन्दर काम भी करें। कहीं बुरे काम उनकी सुंदरता को ढक न दे और परिणामवश उन्हें कुरूप न बना दें। शिष्य को गुरु की बात का रहस्य मालूम हो गया और वह उनके आगे नतमस्तक हो गया।


मंत्र :- व्यक्ति को रूप रंग से नहीं, बल्कि अपने कामों से सुन्दर होना चाहिए। 

Team:- Bthenext
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