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#38 PANCHTANTRA KI KAHANIYA- HINDI STORY- MORAL STORY IN HINDI

अवसर (HINDI STORY)



एक  बार एक ग्राहक चित्रों की दुकान पर गया।  उसने वहां अजीब से चित्र देखे।  पहले चित्र में चेहरा पूरी तरह बालों से ढका हुआ था और पैरों में पंख थे। एक दूसरे चित्र में सिर से गंजा था। ग्राहक ने पूछा, 'यह चित्र किसका है ? ' दूकानदार ने कहा, अवसर का।  ग्राहक ने पूछा, इसका चेहरा बालो से क्यों ढका है? 'दुकानदार ने कहा, क्योंकि जब अक्सर जब अवसर आता है तो मनुष्य उसे पहचानता नहीं है।' ग्राहक ने पूछा,'और इसके पैरों में पंख क्यों हैं?' दूकानदार ने कहा ,'वह इसलिए कि यह तुरंत वापस भाग जाता है,यदि इसका उपयोग न हो तो यह तुरंत उड़ जाता है। 'ग्राहक ने पूछा,'और यह दूसरे चित्र में पीछे से गंजा सिर किसका है?' दूकानदार ने कहा,'यह भी अवसर का है।  यदि अवसर को सामने से ही बालों से पकड़ लेंगे तो वह आपका है। अगर आपने उसे थोड़ी देरी से पकड़ने की कोशिश की तो पीछे का गांजा सिर हाथ आएगा। और वह फिसल कर निकल जायेगा। ' वह ग्राहक इन चित्रों का रहस्य जानकर हैरान था पर अब वह बात समझ चुका था।


मंत्र:- अवसर हमारे सामने से आते-जाते रहते है पर हम उसे पहचान नहीं पाते या पहचान में देर कर देते है। 


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